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Sunday, 17 April 2016

संघर्ष ही सफलता की आधारशिला है...

प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में सुख-दुख आते हैं। जीवन में अनेक अवसर ऐसे
आते हैं जो मनुष्य को संघर्ष के लिए उद्यत करते हैं। ऐसे अवसर अक्सर अचानक ही आते हैं, अधिकतर स्थितियों में व्यक्ति ने कोई योजना भी नहीं बनाई होती। उसे अपनी त्वरित विचार-शक्ति का उपयोग कर संघर्ष पर विजय पाने का सार्थक प्रयास करना होता है। कुछ लोग ऐसी स्थिति से घबरा जाते हैं और धैर्य खोने लगते हैं जिसके परिणामस्वरूप उन्हें मनचाहा फल प्राप्त नहीं होता और वे अपनी नाकामयाबी के लिए स्थितियों को दोषी करार दे देते हैं जो अनुचित है।किंतु इसके विपरीत कुछ लोग संघर्ष को चुनौती समझकर स्वीकार करते हैं और धैर्य व स्थिरता से समस्या का निराकरण करने के उपायों पर वैचारिक-मंथन करने लगते हैं और आवश्यकतानुसार कार्य करते हैं। ऐसे लोग ही जीवन में उन्नति करते हैं तथा जीवन को नई दिशा देते हैं।
दरअसल संघर्ष के क्षण ही सफलता की नींव होते हैं, ठीक उसी प्रकार जैसे
रहस्य का भेदन करने से ही सत्य प्रकट होता है।अतः हमें चाहिए कि हम
संघर्ष के पलों में न तो घबराएँ, न ही किसी अन्य पर दोषारोपण करें बल्कि
अपने चरित्र में दृढ़ता व धैर्य का परिचय देते हुए व अपनी विवेक-शक्ति का सदुपयोग करते हुए चुनौती का सामना करें । तब हमें सफलता अवश्य ही मिलेगी।अतः जब भी संघर्ष की स्थिति आए तो उदास या दुखी न हो, हमेशा ये सोचें कि आपकी उन्नति का नय़ा द्वार खुलने की प्रतीक्षा में है।

एक नई आशा के साथ फ़िर मिलेंगे..........


Thursday, 18 February 2016

आइए, शुरूआत करें सुहाने सफ़र की.......


अपने 30 वर्षों के अध्यापन में मैंने छात्रों के जीवन को निकट से देखा, जाँचा और परखा है ।
मैंने अक्सर देखा है कि आजकल के छात्रों में वो उमंग, वो जोश नहीं है जैसा मैंने अपने छात्र-जीवन में महसूस किया था । इसके कई कारण हो सकते हैं जिनमें मुख्य कारण यह है कि आधुनिकीकरण की वजह से
आजकल के बच्चों का प्रकृति से नाता टूट-सा गया है । उन्हें कंप्यूटर,
मोबाइल फोन जैसे इलैक्ट्रानिक उपकरण ज़्यादा लुभाते हैं , जिसके कारण उनका बचपन कहीं खो-सा गया है । बचपन के ये सुनहरे दिन फिर कभी नहीं लौटेंगे । अतः ये बहुत ज़रूरी हो गया है कि बच्चों को इतनी प्रेरणा, इतना प्रोत्साहन दिया जाए कि वे अपना बचपन खुलकर जीते हुए अपने जीवन में मनोवांछित लक्ष्य प्राप्त करें और उनका स्वाभाविक विकास बाधित न हो । वे अच्छे बच्चे, अच्छे नागरिक बनकर जीवन में उन्नति करें ।
इस ब्लॉग के माध्यम से मेरा यह प्रयास है कि मैं छात्रों से रूबरू होकर उनका मार्गदर्शन कर सकूँ और उन्हें प्रेरणा दे सकूँ ताकि वे तो जीवन -क्षेत्र में विजयी हों ही, साथ ही मेरा शैक्षिक जीवन भी सार्थक हो जाए ।

इन्हीं उद्देश्यों और आशा के साथ..............